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Chhath Puja: डूबते सूर्य को भी प्रणाम करने वाला दुनिया का एकमात्र महापर्व — जानिए वैज्ञानिक महत्व
न कोई पुरोहित, न कोई मंत्रोच्चार — केवल साधक, पवित्र जल और प्रकृति का सीधा संवाद।
प्रिया मैथिलीकल्चर एडिटर
28 सित॰ 20266 मिनट पठन
📸 गंगा घाट पर छठ व्रती सूर्य को अर्घ्य देते हुए
छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा के प्रति कृतज्ञता और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल है।
### 'उगे हे सुरुज देव, अरघ के बेरा'
चार दिनों का यह अनुष्ठान — नहाय-खाय, खरना, सांध्य अर्घ्य और उषा अर्घ्य — अपने आप में शरीर और आत्मा के डिटॉक्सिफिकेशन का वैज्ञानिक तरीका है।
मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से बना ठेकुआ, बांस का सूप और दौरा, और गंगा का पावन किनारा; यह पर्व बताता है कि प्रकृति से जो मिला है, उसे उसी को समर्पित करना ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म है।
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