Nalanda Mahavihara: दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय, जहां 10,000 छात्र और 2,000 शिक्षक पढ़ते थे
बख्तियार खिलजी के जलाए जाने से लेकर नए नालंदा विश्वविद्यालय के उद्घाटन तक की पूरी दास्तान।
### ज्ञान की राजधानी: पाटलिपुत्र और नालंदा
नालंदा केवल एक ईंट-पत्थर की इमारत नहीं थी, वह ज्ञान का ऐसा प्रकाश स्तंभ था जहां प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) खुद द्वारपाल लेते थे, और केवल 20-30% मेधावी ही उत्तीर्ण हो पाते थे।
ह्वेनसांग और इत्सिंग जैसे चीनी यात्रियों ने अपने यात्रा वृतांतों में लिखा है कि नालंदा में तर्कशास्त्र, गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और दर्शनशास्त्र की शिक्षा दी जाती थी।
आज नालंदा का नया कैंपस नेट-जीरो एनर्जी मॉडल पर दोबारा खड़ा होकर अपनी खोई विरासत को पुनः प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।
Disclaimer: यह सामग्री सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, समाचार रिपोर्टों और अन्य स्रोतों पर आधारित है। प्रकाशित जानकारी का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी तथ्य/दावे की अंतिम पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक स्रोत को प्राथमिकता दें।